दो बूढ़ों से मेरी चुदाई

थ्रीसम सेक्स स्टोरीज में पढ़े कि, मेरी दोस्ती एक 58 साल के बुड्ढ़े से हो गई। उसने अपने दूसरे बूढ़े दोस्त के साथ मिलकर मुझे चोदने कि मांग कि। मैंने उनसे थ्रीसम का बहुत मजा लिया।

मेरा नाम कविता है। आप सब मुझे कविता भाभी के नाम से जानते हो। मुझे हमेशा ही सेक्स कि भूख रहती है। अगर मुझे सेक्स करने का मौका मिले तो मै किसी को नहीं छोड़ती। ना बूढ़ों को और ना जवान को।

मेरी उमर 32 साल है। मेरी शादी हो चुकी है। मेरा फिगर आज भी कयामत ढा रहा है। मेरे बूब्स का साइज़ 34 है। मेरी कमर का साइज़ 32 है। और मेरी गांड का साइज़ 36 है। कोई भी मर्द मुझे देखे तो उसका लंड खड़ा हो जाए।

मै मेरे घर में अकेली ही रहती हु। मेरे पति काम के सिलसिले में महीनो बाहर ही रहते है। उसके कारण मेरी सेक्स कि भूख और बाढ़ गई है। मै हमेशा अकेले रहने के बाद अन्तर्वासना मस्तराम पर कहानी पढ़ती हूं। और अपनी चूत में उंगलियां डालती हूं। 

मै घर में अकेली रहती थी। तो मै अपना मन बहलाने और अपने फिगर को संभाले रखने के लिए गार्डन में घूमने जाती थी। वहा बहुत से लोग व्यायाम करने आते थे। मैंने वहा जाना नया नया चालू किया था।

एक दिन मै वहा के एक बेंच पर बैठी हुई थी। तब मेरे बाजू में एक 58 साल का बूढ़ा आकार बैठा। मै अपने मोबाइल में सेक्स कहानियां पढ़ रही थी। फिर उन्होंने मुझसे कहा कि आप मुझे कभी दिखे नहीं इस गार्डन में। मैंने कहा जी मैंने अभी अभी यह आना चालू किया है।

फिर उन्होंने मुझे बोला कि आपका नाम क्या है। मैंने कहा कविता। फिर वो बोले मेरा नाम करण है। फिर वो बोले कि आप अकेली आई हो क्या आपके पति नहीं आए क्या। मैंने उनको बोला कि जी वो काम के सिलसिले में ज्यादातर बाहर ही रहते है।

फिर मैंने उनसे पूछा कि आपकी पत्नी साथ नही आई क्या। तो वो बोले कि उसको गुजरे हुए तीन साल हो गए है। हमारी अच्छी खासी बाते चलती रही। मेरे जाने का समय हो गया। मै निकल ही रही थी। तब उन्होंने बोला कि कल फिर से मिलेंगे। मुझे उस बूढ़े के लक्षण ठीक नहीं लग रहे थे। वैसे मेरे भी लक्षण ठीक तो नहीं ही थे।

मै अगले दिन गार्डन में फिर से गई। तो करण मेरा इंतजार ही कर रहा था। मुझे देखते बराबर उसने मुझे हाय किया। मुझे लगा कि वो कल की बाते भूल गया होगा। लेकिन वो मुझसे दोस्ती करने के मूड में लग रहा था। 

फिर हम साथ में ही गार्डन में घूमने लगे। फिर वो बोले कि तुम्हारे पति बहुत बेवकूफ है। मैंने बोला ऐसा क्यूं। तो वो बोले कि कोई इतनी खूबसूरत पत्नी को अकेले छोड़कर जाता है क्या। मैंने बोला कि, क्या आप मेरी तारीफ़ कर रहे है। वो बोले आपको क्या लग रहा है। मैंने बोला मुझे तो ऐसा ही लग रहा है।

मुझे मेरी तारीफ़ करने वाले लोग बहुत पसंद आते है। मेरी करण से अच्छी दोस्ती हो गई। हम रोज ऐसे ही मिलते थे। एक दिन हम बेंच पर बैठे हुए थे। करण बोले कि मुझे आज भी सेक्स करने की इच्छा होती है। लेकिन मेरी बीवी मुझे जल्दी छोड़कर चली गई। और इस उमर में मै शादी भी नहीं कर सकता।

फिर मैंने भी बोला कि मै भी मेरे पति से बहुत तंग आ गई हु। वो मुझे चोदने के लिए आते ही नहीं है। मेरी भी तो कुछ भावना है ना। वो बोले हां ये भी बराबर है। हमारी ऐसे ही कुछ हमारे घर की बाते हुई। और हम घर चले गए।

अगले दिन हम फिर से मिले। लेकिन करण के साथ एक उसकी ही उमर का दोस्त भी था। करण ने मुझे उससे मिलवाया। उसका नाम अर्जुन था। वो भी करण कि तरह ही बहुत अच्छा स्वभाव वाला था। लेकिन करण से वो जवान लगता था। उसकी उमर भी 58 साल कि ही थी। अर्जुन ने अपनी खूबसूरती को अच्छा संभाला हुआ था।

हम बाते करने लगे। तभी अर्जुन को एक फोन आया। और उसे जरूरी काम से जाना पड़ा। फिर करण और मै इधर उधर की बाते करने लगे। हमारे जाने का समय हो गया। मै निकल ही रही थी। तब करण बोला कि क्या तुम 5 मि. और रुक सकती हो। मैंने कहा क्यूं। तो वो बोला कि तुमसे कुछ बात करनी है। मैंने बोला ठीक है।

फिर करण बोला कि, मै तुमसे ये बात कैसे कहूं समझ नहीं आ रहा है। मैंने बोला शरमाओ मत। जो भी हो खुलकर बोल दो। फिर वो बोला कि कविता तुमको तो पता ही है, कि मेरी पत्नी गुजर गई है। मैंने बोला हां फिर। तो वो बोला कि क्या तुम मुझे एक बार सेक्स करने का सुख दोगी। मैंने थोड़ा सोच विचार किया और उसको बोला कि अगर मै इस चीज के लिए मान भी जाऊ तो भी आप इस उमर में मेरी वासना को नहीं मिटा सकोगे।

तो उसने बोला कि मै अकेला नहीं हु। मेरे साथ अर्जुन भी रहेगा। मैंने बोला मतलब तुम दोनो मिलकर मेरे साथ सेक्स करना चाहते हो। वो बोला कि हा, अर्जुन कि भी पत्नी गुजर गई है।

मै बहुत दिनो से थ्रीसम करना चाहती थी। तो मैंने उन दोनो के साथ सेक्स करने के लिए हा बोल दी। और मैंने बोला कि जगह और वक्त के बारे में हम कल बात करेंगे।

मेरे पति गांव से चार दिनो के लिए आए थे। मै 4 दिनो तक गार्डन में भी घूमने नहीं गई। वो दोनो को मैंने बताया भी नहीं था। कि मेरे पति आ रहे है। वो मेरी चार दिनों तक राह देखते रहे। मेरे पति जाने के बाद मै गार्डन में गई। करण मेरा वही इंतजार कर रहे थे।

वो बोले क्या हुआ था इतने दिन क्यूं नहीं आई। मैंने बोला कि मेरे पति आए थे इसीलिए मै बाहर ही नहीं निकली। उसने बोला कि मुझे बोल तो देना था। मुझे लगा बोले कि तुम्हे गुस्सा आ गया। मैंने बोला नहीं मुझे भी तो मेरी संतुष्टि चाहिए ही।

फिर करण ने मुझसे जगह के बारे में पूछा। मैंने बोला मेरे घर पर नहीं चल सकता। तो वो बोले कि हम होटल बुक कर लेते है। मैंने बोला कि मेरे पास इतने पैसे भी नहीं है। तो वो बोले कि तुमसे पैसे कौन मांग रहा है। पैसे सब हम देंगे तुम सिर्फ महमान कि तरह आना। मैंने कहा ठीक है। हमारा अगले दिन का प्लान बना।

उन्होंने होटल बुक कर लिया था। मै होटल पहुंची। वो दोनो पहले ही वहा पहुंच चुके थे। मै कमरे में गई। उन्होंने मेरा स्वागत किया। हम सोफे पर बैठ गए। मै बीच में बैठी थी वो दोनो मेरे आजू बाजू बैठे थे।

उन्होंने मेरे लिए फ्रेंच वाइन लाई थी। हम बाते करते करते फ्रेंच वाइन पीने लगे। अर्जुन से रहा नहीं जा रहा था। वो मेरे पास आया। और एक साइड से मेरी मांडी को सहलाने लगा। उसको देख कर करण भी मेरे पास आ गया। और दूसरी बाजू से वो भी मांडी सहलाने लगा। 

अर्जुन धीरे धीरे मेरी गर्दन को चूमने लगा। मेरे अंदर मदहोशी छाने लगी थी। करण मेरी पीट को सहलाने लगा। मेरे हाथ दोनो के लंड के पास पहुंच रहे थे। फिर उन्होंने मेरी साड़ी उतारी। मेरे बड़े बूब्स देख कर करण मेरी छाती को चूमने और चाटने लगा। मैंने भी उसके सर पकड़ कर अपने बूब्स में घुसा लिया।

फिर अर्जुन ने मेरा ब्लाउस निकाला। करण ने मेरा परकर निकाला। मैं उनके सामने चड्डी और ब्रा पर थी। फिर उन्होंने अपने कपड़े खुद ही उतार लिए। वो मेरे सामने अपने लंड खोल कर खड़े हो गए। फिर मै अपने घुटनो पर बैठ गई। मैंने दोनो का लंड अपने हाथ में पकड़ लिया। अरे बारी बारी दोनो के लंड चूसने लगी। वो दोनो मेरी चूचियां रगड़ रहे थे। मेरी लंड चुसाई से उस old man sex को बहुत मजा आ राह था।

फिर करण ने मेरी ब्रा निकाली। और अर्जुन ने मेरी चड्डी निकाली। करण मेरे बड़े बूब्स दबा कर मेरी चूचियां चूसने लगा। अर्जुन मेरी चूत को बहुत अच्छे से चाट रहा था। मेरी मदहोश से भरी आवाजे निकल रही थी। अह्ह्ह्ह….अह्ह्ह्ह……अह्ह्ह्ह…..

ऐसा लग रहा था कि इन्होंने पहले कई बार थ्रीसम किया हो। और हो भी सकता है क्योंकि उनकी उमर के हिसाब वो कुछ भी कर सकते थे।

फिर अर्जुन ने अपने लंड पर कंडोम पहन लिया। और मेरी चूत पर अपना लंड रगड़ते हुए अंदर डाल दिया। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। मेरी आवाजे निकाल रही थी। फिर करण ने अपना लंड मेरे मुंह में दे दिया। अर्जुन मुझे जोर जोर से चोदने लगा। 

कुछ देर बाद अर्जुन झड़ गया। और करण ने मुझे चोदना चालू किया। और अर्जुन ने अपना लंड मेरे मुंह में दे दिया। करण भी मुझे ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा। अर्जुन का लंड जल्दी ही फिर से खड़ा हो गया।

फिर करण सबसे नीचे सो गया। मै करण के ऊपर सो गई। करण ने मेरी चूत में अपना लंड डाल दिया। और अर्जुन ने मेरी गांड में लंड डाल दिया। वो दोनो मेरी चूत और गांड़ एक साथ मार रहे थे। मुझे बहुत दर्द हो रहा था। मेरी जोर जोर से आवाजे चल रही थी। अह्ह्ह्ह….अह्ह्ह्ह….अह्ह्ह्ह……

कुछ देर बाद करण मेरी चूत में झड़ गया। मै भी थक गई थी। लेकिन अर्जुन मेरी गांड को चोदना छोड़ नहीं रहा था। 10 मि. बाद वो भी मेरी गांड में झड़ गया। मुझे बहुत मजा आया था। उन दोनो को भी बहुत मजा आया था। फिर मैंने कपड़े पहने और वहा से निकल गई।

ऐसी थी मेरी old man sex थ्रीसम कि कहानी। उन बूढ़ों में काफी दम था। 

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