सहेली को मेरे पति से मैंने ही चुदवाया

इंडियन सेक्स स्टोरीज में पढ़े कि मेरी पक्की दोस्त को उसका पति सुख नहीं दे पाता था। मैंने उसे अपने पति से सुख दिलाया। वो बहुत खुश हुई। मेरे पति ने उसे बहुत सुख दिया।

मेरा नाम अपर्णा है। मै तमिलनाडु में रहती हूं। मेरा मेरे पति के साथ प्रेमविवाह हुआ है। मेरे पति मेरे कॉलेज में पढ़ते थे। मै और मेरे पति हमेशा से अच्छे दिखते थे। मेरे कॉलेज में मेरी दोस्त हमेशा ही मुझपर जलती थी।

आपको मै पहले अपने पति के बारे में बता देती हु। मेरे पति का नाम करण है। उनका कद 5.5 फीट का है। वो बहुत ही अच्छे दिखते है। उन्होंने अपनी बॉडी को अच्छी मेंटेन किया हुआ है। उनपर बहुत सी लड़कियां मरती है। लेकिन वो सिर्फ मुझपर मरते है। हमारी शादी को 1 साल हो गया है। वो मुझे बहुत खुश रखते है।

मेरे कॉलेज में मेरी एक दोस्त थी। वो हमेशा ही मुझसे जलती थी। वो हमेशा मुझे बोलती रहती थी कि अपर्णा तुम बहुत किस्मत वाली हो जो तुम्हे करण जैसा बॉय फ्रेंड मिला। मै कॉलेज में ही समझ गई थी कि वो करण पर लाइन मार रही है। लेकिन वो करण और मेरी दोनों की बहुत अच्छी दोस्त थी।

मै आपको मेरी दोस्त के बारे में बता देती हु। उसका नाम सिमरन है। वो ज्यादा कुछ अच्छी नहीं दिखती। वो खेड़े गाव से शहर आई थी। वो हमेशा शहरी लोगो की तरह बनना चाहती थी। वो हमेशा से ही लडको के पीछे भागती थी। लेकिन उसे कोई भी लड़का भाव नहीं देता था। वो हमेशा ही सेक्स की भूकी रही है। उसे कोई भी बॉय फ्रेंड नहीं मिलता था।

कॉलेज में सिमरन हमेशा मेरे और करण के साथ ही रहती थी। उसका दूसरा कोई भी दोस्त नहीं था। मै हमेशा ही उसे हर चीजों में आगे ले जाने का प्रयास करती थी। वो मुझे अपनी बहन कि तरह मानती थी। 

वो पढ़ाई में हमेशा से ही पढ़ाई में बहुत अच्छी थी। वो मुझे और करण को पढ़ाई में  बहुत मदत करती थी। इसके बदले में मै उसे हमेशा पैसों की  मदत करती थी। क्योंकि वो बहुत गरीब थी।

उसके पास अच्छे अच्छे कपड़े भी नहीं रहते थे। उसे मै हमेशा ही मेरे अच्छे अच्छे कपड़े देती थी। वो खेड़े गांव से आने कि वजह से मेरे जैसी मॉर्डन बनना चाहती थी। लेकिन बहुत प्रयासों के बावजूद वो बन ना सकी।

कॉलेज खत्म होते ही मैंने करण से शादी कर ली। सिमरन अपने गांव चली गई। करण और मै हमेशा ही खुश रहते थे। अक्सर हमारी सिमरन के बारे में बाते चलती रहती थी। करण बोलते थे, कि क्या कभी सिमरन को अच्छा पति मिलेगा। मै बोलती थी, कि भगवान ने सबके लिए कोई ना कोई बनाया ही है।

मेरी शादी के छह महीने बाद सिमरन का मुझे फोन आया। उसने मुझे खुशखबरी दी। उसकी शादी उसके घर वालो ने तैय कर दी थी। उसने मुझे अपनी शादी में बुलाया।

करण और मै सिमरन के गांव में उसकी शादी के लिए गए थे। सिमरन बहुत खुश थी। उसने मुझसे अपनी खुशी भी बाटी।

वो बोली अपर्णा आज मै बहुत खुश हूं यार। अभी मेरी भी शादी हो रही है। उसने मुझे कहा कि, अपर्णा मै तुम्हे एक सच्ची बात बताऊं क्या। मैंने कहा बताओ ना। तो वो बोली, कि अपर्णा कॉलेज में मै तुमसे बहुत जलती थी। तुम लोग जब मेरे सामने किस करते थे तब मुझे भी ऐसा लगता था कि मुझे भी कोई किस करने वाला हो। 

मैंने कहा अरे पगली मुझे पता था कि तुझे तब एक लड़के की ज़रूरत थी। लेकिन मै भी कुछ नहीं कर सकती थी ना। तो वो बोली हां। मेंने इस चीज का कई दिनों से इंतजार किया है। आज मेरी तमन्ना पूरी हो रही हैं।

मैंने कहा सिमरन तुम्हे खुश देख कर मै भी बहुत खुश हूं। वो बोली तुम सचमे मेरी बहन क्यूं नहीं हो। मैंने कहा अरे मै तुम्हारी बहन ही हु। 

वो शादी में बहुत खुश थी। एक लड़की की खुशी का राज मै जानती थी क्यूं कि मै भी एक लड़की हु। कोई भी लडकी शादी में इसीलिए खुश होती है क्यूं कि जिंदगी के लिए खुश रखने वाले के साथ उसकी शादी होती है। पति उन्हें हर तरह का सुख देता है। 

खुशी खुशी उसकी शादी हो गई। करण और मै बहुत खुश थे। कि सिमरन कि भी जिंदगी सुधर गई है। करण और मै वापस घर आ गए। और सिमरन अपने ससुराल चली गई।

शादी के 1 महीने बाद सिमरन का मुझे फोन आया। फोन पर वो मुझे ज्यादा खुश नहीं लग रही थी। मैंने उसे पूछा कैसा गया हनीमून। वो बोली ठीक गया। मैंने बोला अरे सिमरन तुम इतनी उदास क्यों लग रही हो। शायद मुझे कुछ बताने की उसकी हिम्मत नहीं हो रही थी।  उसने बोला कुछ नहीं बस थोड़ा कम का टेंशन है।

मैंने कहा अरे क्यों ससुराल वाले तुमसे बहुत कम कराते है क्या वो बोली नहीं ज्यादा काम नहीं करते लेकिन मै ही ज्यादा काम कर लेती हूं। मैंने कहा क्यूं तुम्हे इतना कम करना रहता है। तो वो बोली मै बोर होती हु तो काम कर लेती हूं। फिर उसने मुझसे कहा कि अपर्णा मै तुमसे बाद में बात करती हूं। और उसने फोन रख दिया।

मुझे उसकी बहुत चिंता हो रही थी। मेरे मन में उसका उदास चेहरा घूम रहा था। दिन भर मै उसीके विचार में रही।  रात को जब करण घर आए तो मैंने उनसे सारी बाते कही। फिर हमारी बाते चालू हुई।

करण बोले अरे वो उदास क्यों है तुमने उससे पूछा नहीं क्या। मैंने बोला मैंने पूछा, लेकिन उसने मुझे काम का टेंशन बोला। लेकिन मुझे लग रहा है कि उसके जिन्दगी में कुछ और बात चल रही है। करण ने कहा कि कल उसे तुम फोन करना और प्यार से पूछना। मैंने कहा ठीक है।

अगले दिन मैंने करण जाने के बाद सिमरन को फोन लगाया। उसकी आवाज में तब भी उदासी थी। मैंने उससे प्यार से थोड़ी देर बात की। उसकी उदासी काम हो गई थी। फिर मैंने उससे पूछा कि अब मुझे सच सच बताओ कि तुम उदास क्यूं हो। 

तब सिमरन के आंखो में आंसू आ गए थे। उसने मुझे रोते रोते बताया कि उसका पति उसे वो खुशी नहीं दे पा रहा है जो उसे चाहिए।

फिर मैंने उस से कहा कि  क्या तुमने तुम्हारे पति के अंदर वासना तैयार नहीं कि थी क्या। तो वो बोली मैंने मेरी तरफ से सब कुछ किया लेकिन उनका बहुत छोटा लंड है। और वो जल्दी थक जाते है। मैंने कहा फिर उनको डॉक्टर के पास क्यूं नहीं ले कर गई। तो वो बोली मैंने उनसे कहा था कि आपकी थकान के लिए आपको डॉक्टर के पास जाना चाहिए। तो वो मुझपर ही गुस्सा हो गए और बेले की तुम मेरी मर्दानगी पर शक कर रही हो। और मुझे मारा भी।

मैंने कहा एक काम करो कुछ दिन के लिए तुम मेरे पास आजाआे। तुम्हारा मन लगेगा मेरे पास। वो बोली ठीक है।

अगले ही दिन वो मेरे पास आगायी।  आने के बाद वो मेरे पास बहुत रोई। मुझसे उसकी हालत देखी नहीं जा रही थी। मै हमेशा उसे खुश देखना चाहती थी। उसके साथ मैंने खूब सारी बाते कि। उसका मूड ठीक हो रहा था। लेकिन मुझे पता था कि वो अंदर से बहुत दुखी है।

रात को करण आए और उन्होंने भी उससे बहुत सारी अच्छी अच्छी बाते कि। तब वो मुस्कुराने लगी थी। उसकी खुशी देख कर मै बहुत खुश हो रही थी। फिर हमने साथ में हो खाना खाया। खाना होने के बाद वो अपने कमरे में सोने के लिए चली गई। मै करण के साथ अपने कमरे में चली गई।

करण को मैंने कमरे के जाने के बाद उसकी परेशानी कि वजह बताई। करण बोले इसमें हम कुछ नहीं कर सकते है। उसको बोलो की अपने पति को छोड़ दे और दूसरी शादी कर ले। मैंने करण से कहा कि अरे उसकी पहले ही शादी नहीं हो रही थी तो अब दूसरी कैसे होगी। वो बोले फिर हम ढूंढ लेते है उसके लिए अच्छा पति।

तो मैंने करण से कहा कि हम लोग उसके लिए ढूंढ लेंगे पर अभी उसकी वासना आप मिटा दो। करण बोले तुम पागल हो गई हो क्या। मैंने कहा नहीं मै सिमरन को खुश देखना चाहती हूं। काफी देर के झगड़े के बाद करण मान गए।

अगले दिन करण जाने के बाद मैंने सिमरन से कहा कि आज तुम्हारे लिए मेरे पास एक तौफा है। वो बोली क्या। मैंने कहा कि वो तुम्हे रात को मिलेगा। वो बोली ठीक है। 

करण रात को घर आए। खाना खाने के बाद करण अंदर चले गए। और मै और सिमरन बाहर बाते करने लगे। मैंने सिमरन से कहा कि आज तुम्हे करण के रूम में सोना है और अपने सालो की प्यास बुझानी है। सिमरन थोड़ा चौक गई। और कुछ देर कि बातो के बाद वो मान गई। और करण के साथ अंदर चली गई।

अंदर क्या हुआ मुझे नहीं पता लेकिन बाहर आने के बाद सिमरन ने मुझे जो बताया वो मै आपको आगे बता रही हूं।

सुबह सिमरन मेरे पास आई। वो बहुत खुश लग रही थी। करण जाने के बाद मैंने उससे बात करना चालू किया। 

वो बोली तुम सच में बहुत किस्मत वाली हो अपर्णा तुम्हे करण जैसा पति मिला इसीलिए। मैंने बोला वो छोड़ो मुझे पहले ये बताओ अंदर क्या हुआ। तो उसने बताना चालू किया।

वो बोली, मै अंदर गई तब कारण हाफ पैंट और बनियान पर ही मेरा इंतजार कर रहे थे। मै बहुत डरी हुई थी तो उन्होंने मुझे अपने पास बुलाया। मुझे अपने पास पलंग पर बैठने के लिए कहा। और कुछ देर मेरे पति के बारे में बात की। फिर उन्होंने मेरी गर्दन को चूमना चालू किया। उनके छूते ही मेरी वासना जाग गई। फिर उन्होंने मेरा हाथ पकड़ा और अपनी गोद में ले लिया और फिर वो मेरे ओंठ को चूमने लगे। कुछ देर बाद मै भी उन्हें चूमने लगी। फिर उन्होंने मेरी साड़ी उतारी। मै उनके सामने ब्लाउस और परकर   पे खड़ी थी। मुझे बहुत शर्म आ रही थी। 

फिर उन्होंने मुझे चूमते चूमते ही मेरा ब्लाउस निकला। और मेरी छाती को चूमते चूमते ही वो नीचे नीचे जाते रहे और मेरा परकर भी निकाल दिया। उनके चूमने से मेरे अंदर का सेक्स कीड़ा जाग चुका था। मै उनके सामने ब्रा और चड्डी पे खड़ी थी।

फिर मैंने भी उनकी बनियान निकाली। और उनकी छाती को चूमते चूमते ही मैंने उनका हाफ पैंट निकाला।  वो भी मेरे सामने चड्डी पर खड़े थे। उनका बड़ा लंड चड्डी में से दिख रहा था। उसको देख के मै बहुत खुश हो रही थी।

फिर उन्होंने मेरी ब्रा नीचे की और मेरी चूचियां चूसने लगे। तब मेरी आह….आह…..आवाज निकलनी चालू हुई। वो मेरी चूचियों को 10 में तक चूसते रहे। मै भी उन्हें अपना दूध पिला रही थी। 

फिर उन्होंने मुझे पलंग पर धक्का दे के सुला दिया। फिर उन्होंने मेरी चड्डी निकाली। मेरी चूत देख कर वो बोले कि सच में तुम्हारे पति को चोदना नहीं आता। मैंने बोला मुझे भी अच्छी चुदाई आज तक नहीं मिली। करण आज तुम मुझे  अच्छी चुदाई दिखाना। 

फिर उसने मेरी चूत को चाटना चालू किया। मुझे बहुत मजा आने लगा था। मेरी मादक भारी आवाजे चालू ही थी। आह…आह……।

फिर उन्होंने अपनी चड्डी निकाली उनका 6 इंच का लंड हवा में मेरी चूत में जाने के लिए तैयार था। फिर उन्होंने मुझसे कहा कि क्या तुम मेरे लंड को कंडोम लगाके दोगी।

उन्होंने कंडोम पहले ही लाया था। कंडोम लगाने से पहले मैंने उनके लंड को अपने मुंह में ले लिया। कुछ देर तक मै उनके लंड को चूसती रही। वो भी मुझे अपनी मादक आवाज़ों से आहह…वाह..वाह… से उत्साहित कर रहे थे।

कुछ देर चुसाई के बाद मैंने उनके लंड पर कंडोम लगा दिया। फिर उन्होंने मेरी दोनो टांगे बाजुमे कि। मेरी चूत पर अपना लंड रख दिया। और धीरे धीरे धीरे धीरे अंदर घुसाते रहे।  उनका लंड अन्दर जाते ही मुझे बहुत मजा आने लगा था। 

मेरे मुंह से आवाजे चालू हो चुकी थी। आह….अह्ह्ह…अह्ह्ह…

फिर उन्होंने जोर जोर से धक्के मारना चालू किया।  20 में तक मुझे वो चोदते रहे। फिर मै और वो मेरी चूत में ही झड़ गए। मै बहुत संतुष्ट हो गई थी। मै बहुत खुश थी।

फिर सिमरन को मैंने कहा कि अब तुम कभी भी उदास मत रहना। मै और कारण तुम्हारे लिए एक अच्छा पति ढूंढ लेंगे। वो बोली ठीक है मुझे तुझपर पूरा भरोसा है।

अगले दिन भी सिमरन मेरे घर पर थी। इस बार करण ने हम दोनो को  एक एक साथ चोदा था। उसकी कहानी पढ़ने के लिए कॉमेंट करे।

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