कार में चुदाई

Indian Car Sex स्टोरीज में पढ़े कि, मेरे ऑफिस में एक विधवा औरत काम करती थी। उसका फिगर बहुत मस्त था। उसे कुछ पैसे की जरूरत थी। मैंने उसे पैसे दिए और मौके का फायदा लेकर अपनी कार में चोदा। मुझे बहुत मजा आया। और उसकी भी सालो की प्यास बुझ गई।

मेरा नाम सुशील है। मेरा नाम सुशील होकर भी मै स्वभाव से सुशील नहीं हु। मुझे कोई भी भाभी को चोदने में बहुत मजा आता है। मेरे लंड का साइज़ 6 इंच का है। भाभीयों को चोद चोदकर मेरे लंड का थोड़ा साइज़ बाढ़ गया है।

सुपर्णा एक बहुत हसीन और हॉट औरत थी। वो देखने में बहुत ही आकर्षक और मदमस्त थी। उसकी मुस्कान के पीछे तो किसी कि भी नींद उड़ जाए।

सुपर्णा की भूरी आंखें, लाल लाल होंठ, उसके बड़े और मोटे रसीले बूब्स, बूब्स के बीच से एक गहरी नाली, पेट में भंवर बनाती नाभी, सेक्सी उभरी हुई बड़ी साइज की गांड और कमर पर दो गड्डे, जो किसी भी मर्द के अंदर वासना की भावना तैयार कर दे।

आप उसकी इस फिगर से अनुमान लगा सकते हैं कि सुपर्णा एक ऐसी महिला थी जिसको देख कर किसी भी मर्द का लंड खड़ा हो कर फड़फड़ाने लगे। उसे देख कर हर महिला को जलन होने लगे कि ये इतनी खूबसूरत कैसे है।

सुपर्णा जब मेरे ऑफिस में नौकरी के लिए आयी, मेरे मन में तभी वासना जाग गई कि कैसे भी करके, इसकी चुत को चोदना है। उसकी तनख्वा भी मुझे ही तय करनी थी, तो मुझे उसके बारे में ज्यादा जानने का मौका मिला।

मैंने उसको 20000 की ऑफर दी, जिसके लिए उसने कहा कि वो रोज़ दादर से मुंबई सेंट्रल आएगी, उसका एक बेटा भी है। वो खुद भी कोई परीक्षा की तैयारी कर रही है। और इतना सब इतने से पैसों में कैसे होगा।

मैंने भी मौका देखते हुए उसको कहा कि चिंता ना करो, इंसेंटिव तो मुझे ही देना है, मैं सब संभाल लूंगा। तुम बस मेरा ख्याल रखना.

सुपर्णा बोली मेरा ख्याल रखना मतलब?

मैंने बोला मतलब मेरे ऑफिस का … तुम क्या समझी? सुपर्णा हलके से मुस्कुराती हुई बोली कुछ नहीं।

खैर, समझदारी में तो मेरा भी कोई जवाब नहीं था। उसकी खुलासा करती हुई मुस्कान से समझ तो मैं गया ही था कि काम बन जाएगा। थोड़ा समय लग सकता है। लेकिन ये मछली मेरे जल में फंस ही जायेगी।

धीरे धीरे समय बीता और मै उसके बारे में  बहुत कुछ जान गया। करीब तीन महीने बाद मुझे पता चला कि वो विधवा है। और उसके पति ने कोई पारिवारिक झगड़े की वजह से आत्महत्या की थी। मेरा मुकाम तो सुपर्णा के चूत की चुदाई थी। और उससे मुझे कौन दूर कर सकता था। मैंने अपने मैच की फील्डिंग जारी रखी।

एक दिन सुपर्णा ने मुझसे पंधरा दिन की छुट्टी मांगी। उसको किसी केस के सिलसिले में इंदौर के कोर्ट में जाना था। और साथ ही वो कुछ पैसे उधार भी ले कर गई।

उससे फ़ोन पर तो मेरी कभी कभी बात हो ही रही थी, तो उसका दुःख भी साफ़ झलक रहा था। उसकी बातों से पता चला कि जिस जमीन के चलते उसके पति की जान गयी थी, उसका केस वह जीत तो गयी है। लेकिन उसको कुछ पैसों की जरूरत थी। जो उसके पास नहीं थे।

उसने मुझसे पैसे मांगे। मैंने भी देर नहीं की, और उसको ऑफिस में आने के लिए बोल दिया। वो बिना समय गंवाए शाम को ही मुंबई  ऑफिस पहुंच गयी। और उसने मुझे पैसों के लिए फ़ोन किया।

 मैं किसी काम से थोड़ी देर पहले ही ऑफिस से निकला था। मैंने उसको डिनर पर मिलने को कहा। वो बोली सर मुझको रात में ही इंदौर पहुंचना होगा क्योंकि मैं अपने बेटे को वहीं छोड़ कर आयी हूँ।

मैंने डिनर की बात खत्म की और उसको रात 8 बजे ताज होटल के बाहर मिलने के लिए बुलाया।

आज मेरे अरमान पूरे हो सकते थे, पर दिक्कत ये थी कि ये कैसे होगा। वो शायद होटल में जाने को तैयार नहीं होती। लेकिन मैंने सोचा कि आज अगर शुरुआत हो जाए, तो इसकी चुत तो कभी भी चोद सकता हूं। ये सोचते हुए मैंने एक कंडोम का पैकेट बाजार से खरीद लिया।

मैंने उसको ताज होटल से अपनी गाड़ी में लिया। और गाड़ी को इंदौर के रास्ते पर दौड़ा दिया। वो बोली सर आप ये कहा जा रहे हो। मैंने बोला तुमको जल्दी पहुंचना है, इसीलिए मै तुम्हे इंदौर छोड़ देता हु। वो बोली शुक्रिया सर

 थोड़ी ही देर में मैंने अपना हाथ उसकी जांघ पर रख कर उसकी जांघ को हलके से सहलाना चालू कर दिया, जिसका उसने कोई विरोध नहीं किया। हमारे बीच बातें चल रही थीं। और बाते करते करते मेरा हाथ धीरे धीरे उसकी चुत की तरफ जा रहा था।

उसने मेरी इस हरकत पर अपनी चुप्पी तोड़ी और बोलने लगी कि ये आप क्या कर रहे हो सर? मैंने बोला कुछ नहीं सुपर्णा। तुम मुझे बहुत अच्छी लगती हो। और आज मेरा दिल थोड़ा बच्चा हो रहा है। वो बोली ये सब गलत है सुशील सर। आप जानते हो कि मैं शादीशुदा हूँ।

मैंने बोला हां मैं जानता हूं कि तुम शादीशुदा हो, और ये भी जानता हूँ कि तुम्हारे पति नहीं रहे। तुम खूबसूरत हो, जवान हो। तुम्हारी भी जरूरतें होंगी ना सुपर्णा। इस जवान जिस्म की भी जरूरतें होती है। कब तक अकेले जिंदगी जियोगी तुम? मैं कुछ नहीं चाहता, बस तुम्हारे साथ थोड़ा समय बिताना चाहता हूँ। तुम्हारी बाहों  में  कुछ सुकून पाना चाहता हूँ।

सुपर्णा ने मेरा हाथ हटाने की बहुत कोशिश की, पर मैंने भी हार नहीं मानी और अपना हाथ उसकी सलवार के ऊपर से उसकी चुत पर रगड़ना चालू किया। जिससे मुझे पता चल गया कि उसकी चुत पानी छोड़ रही है।

मैंने देर ना करते हुए अपना हाथ उसके गले में डाला और उसको अपनी तरफ खींचते हुए, उसके गालों पर एक किस दे दीया। इस पप्पी ने जैसे कोई सुपर्णा पर जादू कर दिया था और सुपर्णा की आवाज़ लड़खड़ाने लगी।

सुपर्णा बोली आप ये सब क्या कर रहे हो सुशील सर। मुझे कुछ कुछ हो रहा है। मैंने बोला कि मै तो चाहता हु कि तुम्हारी सालो की वासना आज बाहर निकले।

 मैंने अपनी गाड़ी साइड में लेकर उसकी रफ्तार बहुत कम कर दी। और अपने ओठो को सुपर्णा के होटों पर रख दिया। और उसे किस करने लगा। इससे पहले वो कुछ कहती, मैं एक हाथ से उसके चुचों को रगड़ने लगा। कुछ ही देर में मैंने अपना लंड बाहर निकाला और उसका हाथ अपने लंड पर रख दिया, जिसको उसने थोड़ा विरोध करने के बाद सहलाना शुरू कर दिया। वो बोली कि सर आपका लंड तो बहुत ज्यादा बड़ा है।

सुपर्णा ने कुछ  देर लंड सहलाया।, मैंने उसको लंड चूसने को कहा, जिसे सुनते ही सुपर्णा  चौक गईं। सुपर्णा बोली कैसी बात करते हो सुशील सर। ये सब भी कोई गाड़ी में होता है क्या। मैंने बोला क्यों घबराती हो मेरी जान ये तो सिर्फ शुरुआत है। आज तो मैं तुम्हें  गाड़ी में चोद भी सकता हूँ।

वो बोली फिर सर हमे कंडोम भी लगेगा। मैंने बोला तुम उसकी चिंता ना करो मैंने कंडोम पहले ही ले लिया है। वो बोली क्या आप पहले से ही मुझे चोदने के इरादे से आए थे। मैंने बोला मै तो तुम्हे पहले दिन से ही चोदना चाहता था। लेकिन आज मौका मिला तो मै इसे छोड़ना नहीं चाहता था।

फिर चलती गाड़ी में ही उसने मेरा लंड चूसना चालू किया। वो मेरा लंड बहुत ही अच्छे से चूस रही थी। ऐसा लग रहा था कि वो भी सालो से किसी लंड का इंतजार कर रही थी। मुझे बहुत मजा आ रहा था। मै एक हाथ से उसके बूब्स भी दबा रहा था।

उसके बाद उसने मेरा शर्ट उतारा। और मेरी छाती को चूमने लगी। फिर मैंने अपनी गाड़ी साइड में अंधेरे में रुका दि। मैंने उसे गाड़ी की पीछे की सीट पर बैठा दिया। फिर मैंने उसकी कुर्ती निकाली। उसकी ब्रा निकालते ही मै सीधा उसके बूब्स पर टूट पड़ा। मै उसकी चूचियों से दूध पीने लगा। वो सिसकारियां मार रही थी।

उसके बाद उसने मेरी पैंट निकाल दी और मेरे लंड को चड्डी के ऊपर से ही मसलने लगी। फिर मैंने उसकी पैंट निकाली। उसने नीले रंग की चड्डी पहनी हुई थी। मैंने चड्डी निकालते ही मेरे सामने बालो का बगीचे वाली चूत थी। मैंने उसको बोला कि तुमने अपनी चूत के बाल क्यूं नहीं काटे। वो बोली कि कोई मेरी चूत चूसने वाला ही नहीं था तो मै किस के लिए बाल काटू। 

मैंने बोला तुम्हारी चूत मै बालो के साथ भी चाटूंगा लेकिन अगली बार बाल काट कर आना। वो बोली ठीक है। मैंने उसकी चूत को चाटना चालू किया। उसकी हल्की सी आवाजे चालू हो गई थी। वो अपनी चूत उठाकर मेरे मुंह में घुसा रही थी। मै भी उसकी चूत बहुत अच्छे से चाट रहा था।

फिर मैंने उसको कंडोम दे दिया। उसने मेरी चड्डी उतार कर मेरे लंड पर कंडोम लगा दिया। फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ते हुए अंदर डाल दिया। वो मेरे लंड को अंदर लेते ही चुदाई का मजा ले रही थी। मुझे भी बहुत मजा आ रहा था। 

मैंने उसकी चूत में अपना लंड अंदर बाहर करना चालू किया। उसकी मादक भरी आवाजे मुझे बहुत मजा दे रही थी। आह…आह….सर और जोर से… थोड़ा और अंदर डालो… मुझे जोर से चोदो…..अह्हह….आह….।

मै उसे जोर जोर से चोदता रहा। मेरी गाड़ी भी बहुत जोर से हिल रही थी। मै उसे 20 मि. तक लगातार चोदता रहा। 20 मि. बाद मै और वो दोनो ही उसकी चूत में झड़ गए।

वो बोली शुक्रिया सर। मैंने बोला मुझे तो तुम्हे शुक्रिया कहना चाहिए। फिर वो बोली आज मेरे लिए बहुत खुशी का दिन है। आज मेरी प्यास भी बुझ गई और मै केस भी जीत गई। मैंने बोला मै तुम्हारी प्यास तुम जब चाहो तब बुझा सकता हूं। ऐसा बोलकर हम इंदौर के लिए निकल गए। पूरे रास्ते वो मुझे चिपक कर ही बैठी थी। और मेरे गालों पर होटों पर किस करती रही। मै भी पूरे रास्ते उसके साथ रोमांस करता रहा।

Indian car sex की आगे की कहानी अगले भाग में।

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