Desi Bhabhi Ki Kahani – देसी भाभी की कहानी

दोस्तो, आज मै आपको desi bhabhi ki kahani सुनाने जा रहा हु। मैं राकेश उर्फ़ रॉकी, उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से हूँ। मेरी हाइट 5 फुट 6 इंच है। और मेरे land का साइज 7 इंच है। मेरी बॉडी कमाल की है।

इस सेक्स दुनिया पर यह मेरी दूसरी सेक्स कहानी है। अगर कहानी में कोई गलती हो जाए, तो कृपया उसे नजरअंदाज कर दीजिएगा और अपने विचार और मत जरूर भेजिएगा।

मेरी पिछली desi bhabhi ki kahani thi कहानी थी,

ऑफिस कि सेक्सी भाबी बॉस

desi bhabhi ki kahani सबको ही बहुत पसंद आती है। मै भी सेक्स दुनिया पर desi bhabhi ki kahani पढ़कर अपनी सभी चुदाई वाली आइटम के साथ इस्तेमाल करता हु। मैंने अपनी कई चुदाई वाली आइटम के साथ desi bhabhi ki kahani शेयर की है। उनको भी desi bhabhi ki kahani पसंद आई थी।

मैं आप सबको बता दूँ कि यह desi bhabhi ki kahani कोई झूठ नहीं है। ये मैं खुद का ही अनुभव आपके सामने प्रस्तुत कर रहा हूँ। मैंने आज तक दो लड़कियों और तीन औरतों को चोदा है। जबकि मैं अभी तक सिंगल हूँ। मेरी अभी तक शादी नही हुई हैं। मेरे उन्हीं अनुभवों में से ही एक अनुभव को आज मैं सेक्स दुनिया पर desi bhabhi ki kahani के रूप में लिख रहा हूँ।

यह घटना आज से 1 साल पहले की है। जब मैं अपने गांव से दूर दिल्ली में जॉब कर रहा था। मैं उधर एक रूम को किराये पर ले कर अपना काम चला रहा था। मै अकेला ही था इसीलिए अपने हाथ से अपने land को हिला कर पानी निकाल देता था।

मेरे साथ नौकरी करने के लिए एक भाभी ने भी रिज्यूम देकर अप्लाई किया होगा, तो उसकी नौकरी भी मेरे साथ ही लग गई। भाभी जी अभी नई नई ही नौकरी में लगी थीं। शुरूआत में तो सब ठीक ठाक था, पर पता नहीं कब वो मेरी ओर और मैं उसकी और धीरे धीरे आकर्षित होने लगा। मुझे उसका फिगर बहुत ही कमाल का लगने लगा। और उसको मेरी बॉडी। उसके व्यवहार से मुझे थोड़ा लगने लगा कि वो मुझसे चुदवाने के मूड में आ गई थी। लेकिन हम दोनों में से कोई भी अपनी ओर से पहली पहल नहीं कर रहा था।

एक दिन आफिस में कुछ ज्यादा काम होने की वजह से हम दोनों को घर जाने में देर हो गई। रात बहुत हो गई थी। इसीलिए मैंने उसे उसको घर पर छोड़ने के लिए बोला, तो वो राझी हो गई। मेरे पास एक कार थी, मैं उसको अपनी कार में लेकर उसके घर पहुंचा।

उसे घर के बाहर ही छोड़ कर मैं जाने ही वाला था कि उसने मुझे रोकते हुए पूछा कि अंदर नहीं आओगे?

मैंने बोला नहीं …… आज बहुत देर हो गई है।

उसने बोला अंदर मेरे पति नहीं हैं। वो कुछ दिनों के लिए मुंबई गए हुए हैं। तुम आ जाओ, मुझे कोई परेशानी नहीं है।

मैं उसके इस बर्ताव को देख कर पहले तो दंग रह गया। फिर मैंने यह सोच कर हा बोल दी कि हाथ लगी मुर्गी को ऐसे कैसे जाने दूँ। और बस उसके साथ अंदर चला गया।

अब उसकी एक बात से ही दोनों तरफ की पिक्चर क्लियर हो गई थी। मैं पहले अंदर जाने के लिए मना कर रहा था। लेकिन जब उसने पति के घर पर न होने की बात कही तो मैं मान गया। मतलब मुझे उसका अकेला होना पसंद आ गया था। दूसरी तरफ उसने भी मुझे पति के न होने का कह कर मुझे अंदर बुलाया, मतलब वो भी मुझ से अकेले में मिलना चाहती थी। इस तरह से आधी से ज्यादा बात तो यहीं साफ़ हो गई थी।

मैं अंदर गया। मैंने अंदर से देखा तो उसका घर बहुत अच्छी तरह से सजा हुआ था। ऐसा लग रहा था की उसने काफी मेहनत की होगी सजाने में। मैंने उसके घर की तारीफ़ की, तो उसने मुस्कुराकर ही जवाब में धन्यवाद दिया।

वो बोली बैठो …….. क्या लोगे ……. चाय या कॉफ़ी?

मैं उसकी तरफ देख कर मुस्कुरा दिया।

उसने भी होंठों पर कटीली मुस्कान लाते हुए फिर कहा की क्या हुआ हंस क्यों रहे हो …… बताओ न क्या लोगे?

मैंने भी कह दिया… जो आपको अच्छा लगे पिला दो?

वो आंखें झुका कर हंसते हुए ये कहते हुए किचन में जाने लगी कि मैं कॉफी लाती हूँ।

वो थोड़ी देर में कॉफी बनाकर लायी और हम दोनों ने साथ में ही कॉफी पी। थोड़ी देर इधर उधर की बात करने के बाद मैं सीधे मुद्दे पर आना चाहता था। फिर मैंने पूछ लिया कि आप पति के बिना रात को अकेले कैसे रह लेती हो?

मेरा मुद्दा था कि अकेली औरत होने के कारण डर तो नहीं लगता, लेकिन जब आधी से ज्यादा पिक्चर बन चुकी हो तब इसका मतलब भी कुछ दूसरा ही निकलता है।

मेरी बात पर वो बोली कि इसके अलावा कोई दूसरा उपाय भी तो नहीं है।

अब मैंने जरा सी हवा देते हुए कहा को मैं कुछ मदद कर सकता हूँ क्या आपकी?

वो भी इस आग में तेल डालते हुए बोली कि जैसी आपकी इच्छा। लेकिन आपको तो देर हो रही थी ना।

अब मैंने खुल का बात करना ही ठीक समझा। मैंने बोला जब भला ऐसी बला सामने हो तो देरी का क्या अचार डालना है। फिर फ़िक्र किस बात की है।

फिर मैंने अपने land पर हाथ फेर कर उसे देखा और कहा की अब ठीक है? तुम्हे अच्छा लगा?

उसकी नजर मेरे land पर गई और उसने मेरे पास आकर मेरे कान में आराम से बोला कि तुम थोड़ी देर यही बैठो मैं अभी आती हूँ।

उसके इस अंदाज से मेरे land में मानो उसे चोदने को आग सी लग गई। मेरे कान पर उसकी गरम सांसें मुझे भड़का कर गई थीं।

वो झट से अंदर गई और एक ब्लैक कलर की नाइटी पहन कर आ गई। उसकी इस नाइटी के अंदर का सारा सिनेमा साफ साफ दिख रहा था। वो इठलाते मचलते हुए मेरे करीब आई। और आते ही मेरी गोद में बैठ गई। मैंने भी देर न करते हुए उसके boobs दबाने चालू कर दिए।

पहले मैंने उसके चुचियों को धीरे धीरे सहलाया और उसके बाद जोर जोर से दबाना और रगड़ना चालू किया। उसने मेरी तरफ घूम कर मेरे होंठों को अपने होंठों से चिपका लिया। और आराम आराम से चूसने लगी। उसकी हरकतों को देख कर मुझे समझ आ गया था कि साली इसकी चूत एक नंबर की चुदासी है। हम दोनों चूमा चाटी में लगे रहे और अपनी सेक्स की उत्तेजना को चुदाई की हद तक ले गए।

उसने मेरे एक एक करके सारे कपड़े उतार दिए, तो मैंने भी उसकी नाइटी उतार कर फेंक दी। उसने अंदर कुछ भी नहीं पहना था। अब हम दोनों एकदम पूरे नंगे एक दूसरे की बांहों में थे। उसने मेरा आधा खड़ा हुआ land अपने हाथ में लिया और धीरे धीरे हलके से सहलाने लगी। मैं भी उसकी चुत को अपनी उंगलियों से बड़े प्यार से सहलाने लगा।

वो अति उत्तेजित होने लगी थी। उसकी चूत ने पानी छोड़ना चालू कर दिया था। फिर उसने नीचे बैठते हुए मेरे land को अपने मुँह में भर लिया। और मेरे land को चूसने लगी।

वाह क्या मस्त मजा आ रहा था। उसके मुँह में land लेने से मेरी तो बांछें खिल गई थीं। दोस्तों जब लड़की land चूसती है ना तो इसका मजा ही कुछ अप्रतिम सा ही होता है। चूत में तो land को खुद ही मेहनत करनी पड़ती है, लेकिन मुँह में land की सब सेवा, लड़की की जुबान करती है। आह … क्या मज़ा आता है!  कैसी लपर लपर करते हुए land को चारों तरफ से सहलाते हुए मजा देती है। इस अनुभव को शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता है। कभी land चुसवा कर देखिएगा, फिर आपको भी समझ आ जाएगा।

उसने धीरे धीरे मस्ती से चूस कर मेरे land को लोहे की रॉड जैसा सक्त कर दिया। इसके बाद उसने मेरा land मुँह से निकाला। फिर किसी कामुक रंडी की तरह मेरी तरफ अपनी नशीली आँखों से देखते हुए अपनी चूत पर खुद का हाथ फेरा।

मुझे समझ आ गया था की अब बारी मेरी है। मैंने उसको सीधा करके सोफे पर लिटाया और उसकी चूत को अपनी जीभ से चाटने लगा। अपनी चूत में मेरी नुकीली और गीली जीभ का अहसास पाते ही वो उछलने लगी। जब मैंने उसके दाने को अपने होंठों से पकड़ कर खींचा तो समझो बिलबिला उठी। वो अब मेरी इस हरकत से और ज्यादा तड़पने लगी थी। बस दो ही मिनट में उसकी चूत से आग बरसने लगी।

वो अब बड़बड़ाने लगी कि जल्दी करो प्लीज़ अब अंदर land डाल भी दो।

मैंने कंडोम की कमी का अहसास दिलाया तो उसने अपने गद्दे के नीचे इशारा किया। मैंने हाथ डाला तो कंडोम का पैकेट मिल गया। मैंने जल्दी से पैकेट फाड़ा और अपने land पर कंडोम लगा दिया। इसके बाद मेरे land के सुपारे को उसकी चुत पर सैट कर दिया। उसकी तरफ देखते हुए मैं धीरे धीरे land को चूत के अंदर डालने लगा। वो भी अपनी गांड उठा उठा कर मेरा land एक बार में ही पूरा अंदर लेने के लिए मचल रही थी। मैंने भी देर न करते हुए पूरा का पूरा land उसकी गहरी चूत में डाल दिया। मेरे land घुसने के साथ ही उसकी एक मीठी सी आह….. निकली और दो पल में ही उसकी चूत ने मेरे land को महसूस कर लिया। और चुदाई का मजा लेने लगी।

उसकी आँखों की वासना को देख कर मैंने अपनी रफ्तार और ज्यादा बढ़ा दी। दस मिनट की चुदाई के बाद मैंने पोजीशन चेंज की और उसको मैंने अपने land के ऊपर ले लिया।

अब वो और ज्यादा जोश में आ गई थी। वो अपने boobs को उछालते हुए मेरे land पर कूदने लगी थी। साथ ही वो अपने मुँह से अलग अलग तरह की मादक भरी आवाजें निकाल रही थी। और चुदाई का पूरा मजा ले रही थी। उसे देख कर मैं भी उसकी उछलती चूचियों को दबोच कर मसलता हुआ, पूरा मजा ले रहा था।

मैं इस बात से बड़ा संतुष्ट था कि वो मेरे land से मजे ले रही है। 

दोस्तो, एक बात कहना चाहता हूँ कि जब तक चुदाई में लड़की खुल कर मजा न ले, तब तक चुदाई अधूरी ही मानी जाती है।

खैर … 15 मिनट की धक्केबाजी चुदाई के बाद वो झड़ गई और मेरे सीने पर गिर गई। मैंने भी उसे गले लगा लिया।

फिर मैंने उसको अपने ऊपर से कुछ इस तरह से नीचे लिया कि मेरा land उसकी चूत में फंसा रहा। उसके ऊपर मैंने फिर से चुदाई का कार्यक्रम शुरू हो कर दिया। वो भी फिर से जाग गई। और फिर लगभग 12 मिनट की गरम चुदाई की लड़ाई में हम दोनों एक साथ झड़ गए।

मैं कुछ देर यूं ही उसके ऊपर लेटा रहा, फिर हट कर कंडोम निकाल के अपने land को साफ करने के लिए बाथरूम में गया। वापस लौटकर उसके पास लेट गया और आराम करने लगा।

वो भी बाथरूम से आ कर रसोई में चली गई। वो दूध ले आई थी. हम दोनों ने एक ही गिलास से दूध पिया।

इसके बाद हम दोनों ने फिर से एक राउंड लिया और फिर खाना खाया। मै उसे रुक रुक कर रात भर चोदता रहा।

फिर उसने बाद में बताया कि उसका पति चुदाई में इतनी देर नहीं टिक पाता है। उसे कभी भी बीवी के झड़ने की परवाह नहीं रहती है। यह सुन कर मुझे अच्छा लगा कि मैं उसकी आशा पर पूरी तरह से खरा उतरा।

यह desi bhabhi ki kahani कैसी लगी इस बारे में नीचे comment करे।

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