सौतेली मां की चुदाई

मां बेटे की चुदाई में पढ़े कि, मेरी सौतेली मां मुझसे 2 साल बड़ी थी। तो उसके मन में सेक्स के लिए हवस भरी हुई थी। मैंने मेरी सौतेली मां की वासना को पूरा किया।

मेरा नाम भैरव है। मेरी उमर 28 साल है। मै हमेशा ही अपनी बॉडी बनाने में बहुत मेहनत करता हु। मेरा कद 6 फीट है। मुझे बहुत सी लड़कियां पसंद करती है। मैंने बहुत सी लड़कियों को पटा के उन्हें चोदा है। मुझे लड़कियों को चोदने का बहुत अनुभव है।

मेरी मां को मरे हुए 2 साल हो गए है। उसके एक साल बाद ही मेरे पिताजी ने दूसरी शादी कर ली। मेरी सौतेली मां मुझसे बस 2 साल बड़ी है। मतलब वो एक 30 साल कि जवान लड़की है।

पहले मै आपको मेरी मां के बारे में और उनकी मरने की वजह के बारे में बता देता हु। 

मेरी मां मेरा हमेशा खयाल रखती थी। मै अपनी मां से बहुत प्यार करता था। उनका और पिताजी का हमेशा ही झगड़ा होता रहता था। मेरे पिताजी की उमर 56 साल है। और मेरी मां की उमर 45 साल थी।

कुछ साल पहले मेरे पिताजी ने अपनी बेटी के उमर वाली लडकी से गैर सम्बंध बना लिए। उनका चुपके चुपके अच्छा नाता चल रहा था। मेरी मां को एक दिन कहीं से तो भी उनके गैर सम्बंध के बारे में पता चल गया था। तो मेरी मां का मेरे पापा से बहुत बड़ा झगड़ा हो गया। मेरी मां इस बात को सहन न कर सकी। उसको दिल का दौरा आया। और वो चल बसी। मेरे मन में उस औरत के लिए नफरत तैयार हो रही थी।

मेरे पिताजी ने मेरी मां चले जाने के  1 साल बाद ही उस लड़की से शादी कर ली। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि वो जवान लड़की छप्पन साल के बुड्ढ़े से कैसे शादी कर सकती है। 

मेरे सौतेली मां का नाम कणिका है। उसकी उमर 30 साल है। उसका फिगर बहुत ही ज्यादा कयामत है। उसका कद 5.5 फीट का है। वो बहुत ही गोरी है। उसको तो कोई भी अच्छा खासा जवान मिल जाता था। लेकिन उसने एक सेक्स में अनुभव वाले इंसान से मतलब मेरे पिताजी से शादी के ली थी।

उनकी शादी होने के 3 महीने तक मैंने उनसे बात नहीं कि थी। ना उन्होंने मुझसे बात की थी। 3 महीने बाद उनको मुझसे कुछ काम पड़ा। तो वो बोली कि भैरव मुझे बाजार जाना है। तुम्हारे पिताजी भी घर पर नहीं है। तो क्या तुम मुझे अपनी गाड़ी पर बाजार लेकर जाओगे। मैंने कहा ठीक है।

मैंने अपनी मोटरसाइकिल निकाली और वो एक साइड से मेरी गाड़ी पर बैठ गई। बैठने के बाद उन्होंनेे मुझसे बाते करना चालू किया।

वो बोली कि, क्या हुआ भैरव तुम मुझसे बात क्यों नहीं करते हो। मैंने कहा आपकी ही वजह से मेरी मां की जान गई है, इसीलिए मै आपसे बहुत गुस्सा हु। तो वो बोली अरे मेरी वजह से कैसे, तुम्हारी मां तुम्हारे पिताजी को बहुत तंग करती थी तो सिर्फ मैंने उनको अपना थोड़सा सहारा दिया है। मै उसके ऊपर कुछ बोला ही नहीं।

फिर वो बोली कि तुम्हारी कोई गर्ल फ्रेंड है क्या। मैंने कहा आप ये मुझसे क्यों पूछ रही हो। तो वो बोली कि अरे भैरव तुम्हारी भी शादी की उमर हो गई है ना, तो अगर तुमने खुद के लिए लडकी देख ली है तो हम तुम्हारी शादी करा देंगे। नहीं तो हम तुम्हारे लिए कोई लडकी ढूंढ लेंगे। मैंने कहा मुझे कोई शादी वगैर नहीं करनी है। 

 वो बोली क्या तुम्हे लडको में मजा आता है क्या। मैंने बोला ये क्या बोल रही हो आप। तो वो बोली तुमने बोला न तुम्हे शादी नहीं करनी तो मुझे लगा  कि तुम्हे लड़कियों में मजा नहीं आता होगा। तो मैंने कहा कि मैंने तो कितनी लड़कियों को पटा के उनका इस्तेमाल कर के छोड़ दिया है। तो वो बोली तुम तो बहुत ही टैलेंटेड निकले भैरव। मैंने कहा ये मेरा टैलेंट नहीं मेरी कला है।

वो बोली क्या तुम एक भी लडकी से सच्चा प्यार नहीं करते हो क्या। मैंने कहा आज तक ऐसी कोई लडकी मिली ही नहीं जिसे देख कर प्यार हो जाए।

वो बोली कि भैरव तुम्हे कैसी लड़की चाहिए। इतने में मेरी गाड़ी के आगे एक कुत्ता आ गया। तो मैंने जोर से अपनी गाड़ी का ब्रेक लगाया। वो झटके से सामने आई। और उसके बूब्स मेरी छाती को चिपक गए। मेरे मन में वासना वाली भावना जाग गई थी। 

फिर से हमारे गाड़ी रास्ते पर अच्छे से चल पड़ी। फिर से उन्होंने मुझसे पूछा कि, तुमने बताया नहीं को तुम्हे किस तरह कि लड़की चाहिए। 

मैंने बताना चालू किया। मैंने बोला मुझे मेरे कद से 0.5 कम कद वाली लडकी चाहिए। उसका रंग गोरा होना चाहिए। उसका फिगर कयामत होना चाहिए। उसको दुनिया देखे तो उनके मन में उसे पटा ने के खयाल आने चाहिए।

उसने मेरी बाते सुनी और बोली कि, तुम तो बिलकुल मेरे जैसी दिखने वाली लडकी की बात कर रहे हो। फिर उसने बोला कि कहीं तुम मेरी हो तो बात नहीं कर रहे हो ना। मैंने कहा नहीं नहीं मुझे ऐसी ही लडकी चाहिए।

फिर हमारी अच्छी अच्छी बाते चालू हुई। वो हसने लगी। हंसते हंसते उन्होंने मेरे कंधे पर हाथ रख दिया। तब मेरे अंदर से जंगली कुत्ते भोकने लगे।

कुछ देर बाद हम घर पहुंचे। मैंने उनसे कहा कि सुनिए मुझे पानी चाहिए। वो बोले कि तुम मुझे सुनिए क्यों बोल रहे हो मुझे मां कहके पुकारो ना। मैंने कहा मै आपको मां कह कर नहीं बुला सकता उससे मुझे मेरी मां की याद आती है। तो उन्होंने कहा कि तुम मुझे कणिका कह कर ही बुलाओ। मैंने कहा ठीक है। वो बोली सिर्फ तुम्हारे पिताजी के सामने मेरा नाम मत लेना।

कुछ दिन बित गए, हमारा घर बहुत अच्छा चल रहा था। एक दिन पिताजी जाने के बाद कणिका मां किचन में खड़ी बहुत दुखी लग रही थी। मैंने उनसे कहा कि क्या हुआ कनिका तुम उदास क्यूं हो। तो उसने मुझे कुछ नहीं बताया। 

मैं उनको किचन से हॉल में लेकर आया। और उनको सोफे पर बैठा कर बड़े प्यार से पूछा कि क्या हुआ। तो उदास भरी आवाज में वो मुझे बताने लगी।

वो बोली कि अब तुम्हारे पिताजी की उमर हो रही है। वो मुझे सुख नहीं दे पा रहे है। मेरी अभी वासना की उमर है। तुम तो एक लडकी की ज़रूरत को समझ सकते हो ना।

मैंने कहा हां समझ सकता हूं। लेकिन मै आपकी इस चीज में कोई मदत नहीं कर सकता। तो बोली तुम तो जवान ही हो ना तो तुम मेरी हवस क्यूं नहीं बुझाते। मैंने कहा ये आप क्या बोल रही हो।

तो वो बोली वैसे भी हमारी उमर सरीखी है। तुम अच्छे से  मेरी भूख को मिटा सकते हो। मै उन्हें नहीं नहीं बोल रहा था। तभी उन्होंने मेरे पैंट के ऊपर से ही मेरे लंड के ऊपर हाथ रख दिया। मैंने बोला आप ये क्या कर रही हो। वो बोली कि मै अपनी अन्तर्वासना मिटा रही हूं।

फिर उन्होंने अपनी टांग मेरे टांग के ऊपर डाल दी और मेरी गर्दन को चूमने लगी। फिर वो उठकर मेरी गोद में बैठ गई। और मेरे ओठ को चूमने लगी। मेरे मन में भी वासना जाग रही थी। मैंने भी उन्हें चूमना चालू किया। 

चूमते चूमते उन्होंने मेरा हाथ पकड़ा और अपने ब्लाउस के ऊपर से मेरा हाथ अपने बूब्स पर रख दिया। वो बहुत बड़े थे। मेरे हाथ से मैंने उनके बूब्स को दबाना चालू किया। उनको भी बहुत मजा आने लगा था। जैसे ही मैंने उनके बूब्स दबाना चालू किया तब उन्होंने मेरे ओठो को जोर से चूमते चूमते काटना चालू किया। मै समझ गया था कि वो सेक्स कि बहुत भुकी है।

फिर उसने मेरे कपड़े उतारना चालू किया। मैंने भी उनकी साड़ी उतार दी। मेरे ऊपर के कपड़े उन्होंने पूरे उतार दिए। वो भी मेरे सामने ब्लाउस और परकर पर थी।  फिर उन्होंने अपना ब्लाउस और परकर निकाला। वो मेरे सामने चड्डी और ब्रा पर खड़ी हो गई।

फिर उसने मेरा पैंट और मेरी चड्डी उतारी। फिर उन्होंने मेरा 5 इंच का लंड अपने हाथ में पकड़ा और अपने मुंह में ले लिया। मुझे बहुत मजा आ रहा था। मैंने अपने हाथो में उनकी चूचियां पकड़ ली और उनको रगड़ने लगा। उनके अंदर की अन्तर्वासना बढ़ रही थी। कुछ देर लंड चुसाई करने के बाद मैंने उनको खड़ा किया। उनकी ब्रा और चड्डी निकाली।

उनके बड़े बूब्स को पकड़ के मैंने उनको सोफे पर लेटा दिया। उन्होंने मेरा सर पकड़ के अपनी चूत में घुसा दिया। मै उनकी चूत को बहुत अच्छे से चाटने लगा। उनके मुंह से मादक भरी आवाजे निकल रही थी। आह….आहह्ह…..आह…..अह्ह्ह…..

कुछ देर उनकी चूत चाटने के बाद मैंने समय ना गवाते हुए उनकी गीली चूत में अपना लंड डाल दिया। लंड अंदर जाते ही वो अपनी चूत ऊपर उठा के मेरा लंड और अंदर लेने की कोशिश कर रही थी। मैंने उन्हें सीधा जोर जोर से झटके मारना चालू किया। उनकी आवाजे भी जोर जोर से निकल रही थी। आह…आह….. अह्ह्ह्ह्…… आह……

10 मि. झटके मरने के बाद मैंने उनको उलटा किया। और नीचे झुकाके डॉगी स्टाइल में उनको चोदने लगा उन्हें बहुत मजा आ रहा था। 20 मि. तक मै उन्हें चोदता रहा। 20 में बाद मै और वो उनकी ही चूत में झड़ गए। 

चुदाई होने के बाद हम दोनो सोफे पर साथ बैठ गए। फिर वो बोली कि तुमने आज मेरी प्यास बुझाई है। तुम चाहो तो तुम मुझे रोज चोद सकते हो। मैंने कहा कल का कल देखेंगे आज का सेक्स एन्जॉय कर लो पहले। इतना बोल कर वो नहाने  चली गई और मै गहरी नींद में सो गया।

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