लिफ्ट देकर आंटी को चोदा

देसी भाभी सेक्स स्टोरीज में पढ़े कि मैंने एक आंटी को अपनी गाड़ी में लिफ्ट दी। रात के वक्त हम दोनो कि अन्तर्वासना जागने लगी। मैंने उसे अपनी गाड़ी में ही चोद दिया।

मेरा नाम सुधीर है। मै विजयवाड़ा में रहता हूं। मेरी उमर 26 साल है। मेरा कद 6 फीट का है। मेरे लंड का साइज़ 6 इंच का है।  मेरी पर्सनैलिटी बहुत अच्छी दिखती है। कोई भी लडकी मुझसे चुदवाने के लिए मना नहीं करेगी।

मेरी एक गर्ल फ्रेंड थी। हम दोनो का रिश्ता बहुत अच्छा चल रहा था। मेरी गर्लफ्रेंड का नाम  स्वाती है।  स्वाती की उमर 18 साल है। मैंने कॉलेज की लडकी पटाई थी। उसकी ताज़ी चूत को मैंने ही पहली बार चोदा था। इसीलिए मुझे उससे सच्चा प्यार हो गया था।

मै उसे बहुत अच्छे से चोदता था वो भी मेरे साथ सेक्स बहुत एन्जॉय करती थी। मेरे रोज रोज चोदने कि वजह से उसको सेक्स कि लत लग गई थी।

उसने अपने ग्रैजुएशन के लिए चेन्नई जाने का फैसला किया। मैंने उसे जाने के लिए मना किया था। लेकिन वो बोली थी कि मैं दूर रहकर भी तुमसे प्यार करूंगी। 

एक दिन रात के 9 बजे उसका मुझे फोन आया। वो बोली कि अब मै तुमसे रिश्ता नहीं रख सकती। मैंने बोला क्यूं। तो वो बोली कि मुझे चेन्नई में दूसरे लड़के से प्यार हो गया है। मै समझ गया था कि मै उसकी इतनी दूर से सेक्स कि भूख नहीं मिटा पा रहा हु।

मै रोने लग गया। और मैंने अपनी फोर व्हीलर रात के 11 बजे  निकाली। और उससे मिलने के लिए निकल पड़ा। मै बहुत परेशान था। विजयवाड़ा से चेन्नई का रास्ता आठ घण्टे का है।

रास्ते में मुझे करीब करीब 2 घण्टे गाड़ी चलाने के बाद हाईवे पर रात को एक महिला ने मुझे अपनी गाड़ी में लिफ्ट के लिए हाथ दिखाया। मैंने महिला कि मदत करने के लिए अपनी गाड़ी रुकाई।

वो बोली कि मुझे आगे के गांव में जाना है क्या आप मुझे अपनी गाड़ी में आगे तक छोड़ सकते है। मैंने कहा कि ठीक है। मैंने उसे अपनी गाड़ी की सामने कि सीट पर बैठा लिया। 

मै आपको उसके बारे में बता देता हु। उसकी उमर लगभग 32 साल कि थी। उसका फिगर गद्दे कि तरह मुलायम था। उसका रंग गोरा था। वो भी बहुत दुखी लग रही थी।

वो बैठने के बाद मैंने अपनी गाड़ी चालू कि। 10 मि. तक हमने कुछ भी बात नहीं कि थी। 10 मि. बाद उसने मुझसे पूछा कि कहा जा रहे हो आप। मैंने कहा मै चेन्नई जा रहा हु।

वो बोली इतनी रात को क्यूं जा रहे हो। मैंने उसे अपनी गर्लफ्रेंड की कहानी बताई। वो बोली कि आपके साथ बहुत बुरा हुआ। मैंने कहा मै उसे वहा मनाने जा रहा हु। वो बोली अच्छा है। हमे तो कोई भी नहीं मनाता।

मैंने कहा मतलब आपको भी किसीने धोका दिया है क्या। फिर उसने अपनी कहानी बताना चालू किया।

वो बोली कि मेरी शादी को सात साल हो गए है। मुझे एक 5 साल का बच्चा है। मेरे पति मुझे वो सुख नहीं दे पाते है जो मुझे चाहिए। इसीलिए उनके साथ मेरा हमेशा ही झगड़ा होता रहता है। 

मैंने कहा कि आप अपने घर से इतनी दूर क्यूं आई हो। तो वो बोली कि मुझे आज पाता चला कि मेरे पति gay है। इसीलिए मुझे वो सुख नहीं दे पाते है। फिर वो बोली कि इस बात को लेकर मेरा मेरे पति के साथ झगड़ा हो गया है। इसीलिए मैंने अपना घर छोड़ दिया।

मैंने कहा अरे फिर आपके बच्चे का क्या होगा तो वो बोली कि इसीलिए तो मै वापस जा रही हूं। मै एक गाड़ी में बैठ कर ही यह तक आई हूं। फिर मुझे मेरे बच्चे का खयाल आया तो मै उनकी गाड़ी से उतर गई। और आपको लिफ्ट मांग ली। 

मैंने कहा आपका घर कहा है। तो वो बोली बस यह से कुछ 40 km दूर एक छोटा गांव है। फिर उसने अपने घर के बारे में बताना चालू किया।

वो बोली कि मेरा घर बहुत छोटा है। उसमे हम 5 लोग रहते है। मेरे सास ससुर मेरे पति मेरा बच्चा और मै। हमारे घर में हमेशा ही पैसों की बहुत दिक्कत रहती है। हमारा घर खेतीबाड़ी करके ही चलता है। फिर वो बोली कि कभी कभी तो मुझे ऐसा लगता है कि पैसों के लिए खुदको किसिसे चुदवा लु। उससे मुझे पैसे भी मिल जायेंगे और मेरी अन्तर्वासना भी मिट जायेगी।

मैंने कहा आपको ऐसा नहीं करना चाहिए। आप एक काम कीजिए कि आपके बच्चे को लेकर आप अपने मायके चली जहिए। और उस पति को छोड़कर दूसरी शादी कर लीजिए। वो बोली कि मै भी यही सोच रही थी।

फिर हम लोग इधर उधर की बाते करने लगे। मेरी गाड़ी में रोमांटिक गाने चल रहे थे। मेरे गाड़ी का AC गाड़ी को अच्छे से ठंडा कर रहा था।

कुछ देर में ही हम दोनो काफी घुल मिल गए थे। इतने में मेरी गाड़ी का टायर पंक्चर हो गया। मैंने झटके से ब्रेक लगाया तो उसकी साड़ी नीचे गिर गई। मेरा ध्यान उसके बूब्स के ऊपर चला गया। वो बहुत बड़े थे। कुछ समय के लिए मेरा लंड खड़ा हो गया था।

मै अपनी गाड़ी से बाहर आया। मैंने अपनी गाड़ी का टायर देखा। मुझे पता था कि टायर बदलने के लिए मुझे थोड़ा वक्त लगेगा। इसीलिए मैंने आंटी से कहा ही मुझे थोड़ा वक्त लगेगा। आप चाहे तो किसी दूसरी गाड़ी में मै आपको घर पहुंचाने का इंतजाम कर देता हु। 

वो बोली नहीं नहीं मै आपका काम होने तक रुक जाती हु। मुझे कोई जल्दी नहीं है। मैंने बोला कि ठीक है। मै अपने गाड़ी का के टायर सुधारने लगा। 15 मी. के बाद मेरा काम खत्म हुआ। तब तक वो मेरे कार में सो गई थी। सोते वक्त उसका पल्लू नीचे गिरा हुआ था।

मेरे अंदर वासना जाग रही थी। मैंने उनको आवाज दी और बोला कि मेरा काम हो गया है। उन्होंने बोला कि ठीक है।

मै अपनी गाड़ी में बैठ गया। मैंने आंटी से कहा कि आपके बूब्स बहुत बड़े है। तब वो गुस्सा नहीं हुई। और मुझे बोली कि क्या फायदा इतने बड़े बूब्स का जब कोई उसे चूसने वाला ही ना हो। मै समझ गया था कि उसके मन में भी अन्तर्वासना जाग रही है।

फिर मैंने उससे कहा कि अंधेरी रात है। रोमांटिक मौसम है। तुम्हारा क्या खयाल है। वो समझ गई थी। वो बोली कि तुम जो चाहो वो कर सकते हो। मैंने कहा कि लेकिन मेरे पास कंडोम नहीं है। वो बोली कोई बात नहीं मै बिना कंडोम के भी कर सकती हु।

फिर मैंने उसका हाथ पकड़ा और उसको अपने पास खींच लिया। और उसके ओठो को चूमना चालू किया। उसने भी मेरे ओठो को चूमना चालू किया। ऐसा लग रहा था कि हम दोनो कोई अनजान नहीं है। बल्कि हम दोनो पति पत्नी है।

उसे चूमते चूमते मैंने उसका पल्लू नीचे किया। और उसके ब्लाउज के ऊपर से ही उसके बूब्स दबाने लगा। उसके बूब्स बहुत बड़े थे। वो मेरे हाथो में पूरी तरह से नहीं आ रहे थे। लेकिन मै उसके बूब्स को अच्छे से अपने हाथो से मसल रहा था। उसको और मुझे बहुत मजा आ रहा था।

कुछ देर तक उसे चूमने के बाद मै उसे गाड़ी की पिछली सीट पर ले कर गया। वहा मैंने उसकी साड़ी उतार दी। उसने भी मेरा शर्ट उतार दिया। उसे इस चीज का बहुत अनुभव लग रहा था।  

फिर मैंने उसका ब्लाउज और परकर निकाला। वो मेरे सामने ब्रा और चड्डी पर बैठी हुई थी। फिर उसने मेरी पैंट निकाली। मै उसके सामने चड्डी पर हो गया। उसने मुझे नीचे सुला दिया। और मेरे पूरे बदन को चूमने लगी। ऐसा लग रहा था कि मुझसे ज्यादा उस आंटी की अन्तर्वासना है।

वो मेरी छाती से चूमते चूमते नीचे चली गई। और मेरी चड्डी उतार दी। मेरे लंड को उसने हाथ में पकड़ लिया और जोर जोर से हिलाने लगी। वो मेरे लंड को पकड़ के अपने मुंह को भी मार रही थी। मुझे बहुत मजा आ रहा था।

फिर उसने बिना कुछ सोचे समझे मेरा बड़ा लंड अपने मुंह में ले लिया। वो मेरे लंड को बहुत अच्छे से चूस रही थी। मुझे उसकी लंड चुसाई बहुत अच्छी लग रही थी। फिर मैंने भी उसके बाल पकड़े और उसका मुंह अपने लंड के अंदर गुस्सा रहा था। मैंने अपना लंड उसके गले तक घुसा दिया था।

कुछ देर लंड चुसाई करने के बाद उसने खुद अपनी चड्डी निकाली। और मेरे लंड के ऊपर बैठ गई। और मेरे लंड को अपने चूत में ले कर वो मेरे ऊपर कूदने लगी उसकी मादक भरी आवाजे निकाल रही थी। आह…..अह्ह्ह्ह……अह्ह्ह्ह…..मुझे कुछ भी करने की ज़रूरत नहीं पड़ रही थी। वही मुझसे खुदको चुदवा रही थी। 

कुछ देर कूदने के बाद वो थक गई थी। लेकिन उसकी संतुष्टि नहीं हुई थी। फिर मैंने उसे सीट पर सुला दिया। और उसकी चूत को देखा। उसपर बहुत घने बाल थे। मैंने उसकी चूत में अपना लंड जोर से डाल दिया। और जोर जोर से झटके मरने लगा। उसकी आवाजे निकल रही थी। अह्ह्ह्ह….आह….वाह…..और जोर से…..और जोर से…. 

मै उसे अपनी पूरी ताकत से चोद रहा था। मेरी गाड़ी भी जोर जोर से हिल रही थी। मै उसे 

25 मि. तक चोदता रहा। फिर मै और वो।उसकी चूत में झड़ गए। झड़ने के बाद उसने मेरा लंड अपने मुंह में ले लिया। कुछ देर तक वो मेरे लंड को अपने मुंह में साफ करती रही। 

फिर उसने अपनी साड़ी पहन ली। मैंने भी अपने कपड़े पहन लिए। मैंने गाड़ी निकाली और उसके गांव के चौराहे पर जा कर रोक दी। वो गाड़ी से उतर गई। मुझे बहुत मजा आया था इसीलिए मैंने उसे दो हजार रुपए भी दिए। वो बहुत खुश हो गई थी। उसको छोड़कर मै अपने रास्ते पर निकल पड़ा।

ये थी मेरी लिफ्ट देकर आंटी को चोदने वाली कहानी। ये कहानी आपको कैसी लगी इस बारे में नीचे कॉमेंट करे।

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